LUCKNOW भूलभुलैया के भीतर रोशनदानों में छिपा है बाहर निकलने का रास्ता!

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     नवाब शब्द सुनते ही जहन में लखनऊ की तस्वीर उभर आती है, लखनऊ नबाबी शानो-शौकत के साथ-साथ भूलभुलैया के लिए भी काफी मशहूर है। यहां प्रतिदिन सिर्फ भूलभुलैया देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग आते हैं जिसमें भारत के अलावा अन्य देशों के लोग भी शामिल होते हैं।

     बहुत छोटा था, तब से भूलभुलैया के बारे में सुनते और पढ़ते आ रहे हैं। कई दफे लखनऊ जाना भी हुआ और ठहरना भी हुआ लेकिन कभी उस स्वप्नवत दुनियां का दीदार नहीं हुआ। लखनऊ में एक लंबा वक्त बिताने के बाद आज मौका मिला भूलभुलैया और वहाँ बने शानदार शाही इमामबाड़े को देखने का!

     भूलभुलैया में मौजूद गाइड बताते हैं कि स्वयं नवाब साहब अपनी बेगमों के साथ भूलभुलैया में लुकाछिपी का खेल खेला करते थे। लेकिन यह बात सुनने में बड़ी अजीब लगती है क्योंकि भूलभुलैया की संकरी व तंग गलियों को देखकर ऐसा लगता है कि यह किसी मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि किसी बड़े संकट से बचने के लिए बनाई गई हैं। इन गलियों में अगर कोई अपरिचित व्यक्ति बिना किसी गाइड की मदद लिए चला जाय तो निश्चित ही भूलभुलैया की इन संकरी व तंग गलियों में भटक जायेगा। और कब तक भटकता रहेगा, कहां तक भटकता रहेगा कहना मुश्किल है। हालांकि आज की तारीख में भूलभुलैया के भीतर मौजूद उस तहखाने की तरफ जाने वाली सीढ़ियों को बंद कर दिया गया है जहाँ भटकने की संभावनाएं ज्यादा थीं फिर भी भटक जाना संभव है।

भूलभुलैया में भटक जाने की वजह!

      भूलभुलैया में खो जाने की मुख्य वजह है यहां की बनी तकरीबन एक हजार संकरी गलियाँ और 489 एक जैसे दिखने वाले दरवाजे हैं। इसी वजह से यहां लोग गुमराह हो जाते हैं। दूसरी सबसे खास बात यह है कि यहाँ पूरी इमारत में कही भी रौशनी नहीं है सिर्फ छोटे-छोटे रोशनदान बने हैं जिनसे सूर्य की रोशनी भीतर उजाला करती है।


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रोशनदानों में छिपा भूलभुलैया से बाहर निकलने का रास्ता!

     आप जब भी भूलभुलैया के भीतर भटक जाएं तो घबड़ाने की बजाय थोड़ी सी समझदारी से काम लें! उस समय यह देखें कि सूर्य की रोशनी कहां से आ रही है, जिधर उजाला दिखे उधर की सीढ़ियों पर चढ़ते चले जाएं, सूर्य की रोशनी का पीछा करते-करते आप थोड़ी ही देर में भूलभुलैया से बाहर निकल जायेंगे! बस एक बात का खास ख्याल रखें कि जो सीढ़ियाँ अंधेरे की तरफ जाती हों उन सीढ़ियों पर कतई न जाएं क्योंकि वे भीतर गहन अंधकार में बने तहखाने की तरफ इशारा करती हैं उन पर जाने से आप निश्चित ही गुमराह हो सकते हैं।


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