ईदी अमीनी! खूबसूरत लड़कियों के जिस्म को रौंदना और इंसानों का मांस खाना उसे बेहद पसंद था।

ईदी अमीनी! खूबसूरत लड़कियों के जिस्म को रौंदना और इंसानों का मांस खाना उसे बेहद पसंद था।

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     इंसानों का मांस खाने वाले नरभक्षी ज्यादातर बे-पढे लिखे जंगली स्वभाव के माने जाते हैं जिनका ठिकाना मनुष्य की मुख्य धारा से कोसों दूर जंगलों या पहाड़ों पर बताया जाता है। लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि कोई पढ़ा लिखा इंसान जो किसी देश का राष्ट्रपति रह चुका हो और वह भी मानव मांस खाने का शौकीन हो।

     जी हां! वह एक ऐसा शख्स था जो एक पूरे देश पर आठ सालों तक बतौर राष्ट्रपति शासन करता रहा! हजारों महिलाओं का बलात्कार करता रहा, लाखों इंसानों का कत्ल करता रहा और उनका मांस खाता रहा। इसी वजह से उसे 'मैड मैन ऑफ अफ्रीका' कहा जाने लगा था । बताते हैं कि उसकी जुल्म की काली दुनियाँ के अन्त के समय उसके घर की तलाशी ली गई तो उसके रेफ्रीजरेटर से इंसानों और उनके बच्चों का मांस मिला। 

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     दोस्तों! युगांडा एक पूर्वी अफ्रीका में स्थित लैंडलाक देश है। इस देश ने तानाशाह ईदी अमीनी का बेहद क्रूर और रुह को झकझोर देने वाला शासन देखा है। अमीनी ने राष्ट्रपति के तौर पर करीब 8 सालों तक राज किया है और लोगों पर जमकर जुल्म ढाया है। अपने शासन काल के दौरान उसने 5 लाख से भी ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतरवा दिया है और न जाने कितनी महिलाओं का बलात्कार करवाया है। इतना ही नहीं वह इतना जालिम प्रवृत्ति का था कि वह इंसानों का मांस तक खा जाया करता था। 

     1966 से युगांडा सेना और एयरफोर्स का मुखिया रहा ईदी अमीनी, 1971 में मिल्टन ओबोटे को सत्ता से बेदखल कर उसकी सत्ता पर काबिज हो चुका था। तख्तापलट के एक हफ्ते बाद फरवरी में अमीनी ने खुद को युगांडा का  राष्ट्रपति, सभी सशस्त्र बलों का प्रमुख कमांडर, आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ और चीफ ऑफ एयर स्टाफ घोषित कर दिया।

     इतना ही नहीं, इस तानाशाह और उग्र राष्ट्रवादी ने युगांडा से लांगो और अछोली जातीय समूहों का सफाया करने के लिए एक जनजातीय नरसंहार कार्यक्रम शुरू किया। इसके पीछे मकसद था कि ओबाटे समर्थकों की सेना का सफाया करना। अमीनी ने 1972 में आदेश दिया कि जिन एशियाई लोगों के पास युगांडा की नागरिकता नहीं है, वो देश छोड़ कर चले जाएं। इसके बाद करीब 50 हजार भारतीयों और पाकिस्तानियों को मजबूरन युगांडा छोड़ना पड़ा।

     देश के कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा एशियाई लोगों का था। इनके देश छोड़ते ही युगांडा की अर्थव्यवस्था चरमरा गई। 1979 में जब तंजानिया और अमीनी विरोधी युगांडा सेना ने धावा बोला, तब अमीनी की 8 साल की तानाशाही का अंत हुआ। आखिरकार अमीनी को घुटने टेकने पड़े और 11 अप्रैल 1979 को युगांडा छोड़कर भागना पड़ा। इसके 2 दिन बाद गठबंधन की पूर्व सरकार ने सत्ता संभाली। हालांकि, इससे पहले अक्तूबर 1978 में अमीनी ने तंजानिया पर असफल हमले की कोशिश भी की थी।

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     अमीनी ने देश छोड़ने के बाद कुछ समय लीबिया में शरण लेकर बिताया। फिर वो सऊदी अरब में बस गया, जहां 2003 में उसकी मौत हो गई। अमीनी को 'मैड मैन ऑफ अफ्रीका' भी कहा जाता था और इसके पीछे जायज वजह यह थी कि अमीनी लोगों की हत्या के लिए हथियारों का इस्तेमाल नहीं करता था। वह उन्हें जिंदा ही जमीन में दफन करवा देता था! और कुछ बचे लोगों को अपने भूखे मगरमच्छों के तालाब में फिंकवा देता था। उसने अपने पैलेस की तकरीबन सभी खूबसूरत लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाया था।

     उसे रोज-रोज खूबसूरत लड़कियों के जिस्म को रौंदना और इंसानों का मांस खाना बेहद पसंद था।

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