आइये जानते हैं, अनार के कुछ ऐसे प्रयोग जो रोगों के लिए किसी रामबाण से कम नहीं हैं।

आइये जानते हैं, अनार के कुछ ऐसे प्रयोग जो रोगों के लिए किसी रामबाण से कम नहीं हैं। 
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      अनार स्वस्थ के लिए बहुत ही लाभकारी होता है।  अनार शरीर में मौजूद तमाम विटामिन्स की कमी को पूरा करता है, डाक्टर सर्वप्रथम रोगी को अनार का जूस व अनार का फल सेवन करने का ही सूझाव अधिक देते हैं। अनार का सेवन शरीर में मौजूद खून की कमी को भी बड़ी शीघ्रता से पूरा कर देता है। 

आइये जानते हैं, अनार के कुछ ऐसे प्रयोग जो रोगों के लिए किसी रामबाण से कम नहीं हैं। 

मुंह से दुर्गंध आना, मसूड़ों की सूजन व दातों से खून निकलना आदि रोगों के उपचार के लिए! 

1. एक कंधारी अनार होता है, उसका छिलका स्वछ जल से धो लें और फिर उबाल लें! इस उबले हुए पानी से कुल्ला या गरारा करें, ऐसा नियमित कुछ दिनों तक करने से मुंह से दुर्गंध आनी बन्द हो जाती है। 

2. अनार के फूल यदि तोड़कर लाएं हों तो छाया में सुखा लें अन्यथा अनार के वृक्ष के नीचे सूखे हुए फूल बहुतायत में पड़े रहते हैं उन्हें ही उपयोग में ले लें। उन सूखे फूलों को किसी इमामदश्ते आदि में डालकर खूब महीन पीसकर पाउडर जैसा बना लें, इस पाउडर को मंजन की भांति मसूड़ों पर धीरे-धीरे मलने से दांत मजबूत होते हैं और मसूड़ों से खून आना बंद हो जाता है। 

बार-बार पेशाब आने की समस्या:
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      प्रायः यह समस्या किसी को भी, किसी भी आयु में हो जाती है। एक दफे मूत्र विसर्जित करके लौटते हैं वैसे ही पुन: मूत्र-नली में पेशाब की बूंदें आ जाती हैं और पुन: पेशाब के लिए भागना पड़ता है, रोगी के लिए यह स्थिति बड़ी ही गंभीर हो जाती है। इस समस्या से राहत पाने के लिए! 

3. अनार के छिलके का पाउडर बना लें, एक छोटा चम्मच यह पाउडर ताजे पानी के साथ सुबह-शाम दिन में  दो बार लें, यह प्रयोग करने से मसाने की गर्मीं शान्त हो जाती और बार-बार पेशाब आने की समस्या से राहत मिल जाती है। 


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