Cloud-seedingis that technique, वह तकनीक है, जिससे कुत्रिम बरसात संभव होती है! इस तकनीक से कहीं.....!

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practical life
क्लाउड-सीडिंग, वह तकनीक है, जिससे कुत्रिम बरसात संभव होती है! इस तकनीक से कहीं भी कभी भी बादलों को बरसने के लिए विवश किया जा सकता है! दुनिया भर में 50 से भी अधिक देश इस तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं! इस तकनीक का सर्वाधिक उपयोग चीन में होता है!

      अगर हम आज सूखे से जूझ रहे हैं, तो उसका कारण प्राकृतिक तो है ही उससे भी बड़़ा कारण है तकनीकी समझ का न होना! आज के दौर में जिस मुल्क के पास भी तकनीक की समझ है वह प्राकृतिक और गैर प्राकृतिक समस्याओं से लड़ने के लिए सक्षम है!

      जो मुल्क इस तकनीक का भली-भांति उपयोग करना जानते हैं, वे प्यासे नहीं मर सकते! भारत मर रहा है, भारत में सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लोग कीचड़ छान छान कर पी रहे हैं, फसलें नष्ट हो रही हैं, पशु-पक्षियों के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है!

कैसे काम करती है? यह तकनीक!

       हवा के ज़रिए क्लाउड-सीडिंग करने के लिए विमान की मदद ली जाती है। विमान में सिल्वर आयोडाइड के दो बर्नर या जनरेटर लगे होते हैं जिनमें सिल्वर आयोडाइड का घोल उच्च दाब पर भरा होता है। लक्षित क्षेत्र में विमान हवा की उल्टी दिशा में चलाया जाता है। सही बादल से सामना होते ही बर्नर चालू कर दिए जाते हैं।

      सरल भाषा में समझें! तो जैसे कुत्रिम गर्भाधान संभव होता है, या जैसे समय से पहले फलों को पकाया जाता है, या जैसे मां के गर्भ से समय से पहले ऑपरेशन द्वारा शिशु को शकुशल बाहर कर लिया जाता है!

      बस शर्त इतनी ही होती है, इस तकनीक में बादलों का होना अनिवार्य है! बादल मौजूद हैं तो वर्षा की जा सकती है बादलों का बरसना अब कोई इंद्र देवता के हाथ में नहीं है! अब सारी शक्ति तकनीक के हांथ में है! तकनीक ही इंद्र है, तकनीक ही ब्रह्मा है, तकनीक ही विष्णु है! हां जिसे तकनीकी समझ नहीं है उसके लिए तो प्रश्न दूसरा है! उसके लिए तो राम रहीम भी भगवान है, और न जाने कैसे-कैसे देवी हैं, देवता हैं! अनेकों प्रकार के अंधविश्वास उसके लिए सच्चे हैं!

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प्रैक्टिकल लाइफ 
       भारत में इतनी धार्मिकता है, इतनी भक्ति है, इतनी पूजा-अर्चना होती है, इतने मंदिरों और मस्जिदों में घंटे-घड़ियाल बजाए जाते हैं, इतने लोग पूजा-पाठ में उत्सुक हैं! उसका कारण यह नहीं है कि यहां देवी देवता खुलेआम घूमते हैं! उसका असली कारण यही है कि यहां  तकनीक के क्षेत्र में अभी भी लोग नासमझ ही हैं और इसी नासमझी में ही यह धार्मिकता का आडंबर पनपता है!

      जिस दिन तकनीक की समझ होगी, उस दिन यह हमारे देवी देवता इंद्र ब्रह्मा विष्णु महेश सब स्वत: ही नदारद हो जाएंगे और देश स्व:निर्भर होगा! जब तक वह घटना नहीं घटती, तब-तक भारत के सूखा प्रभावित इलाके प्यासे तड़फेंगें और लोग राजनीति करेंगे, इसी की संभावना है!



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